रविवार को तीनों देशों के संयुक्त बयान में आया हैः "किसी भी तरह से हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता और हम इसकी हर मुमकिन तरीक़े से कड़ी निंदा करते हैं।"
इस बयान में आगे आया हैः "जो कुछ सऊदी जांच में अब तक अटकलें लगायी जा रही हैं, उससे परे, जो हुआ उसे ठोस सुबूत के साथ तुरंत स्पष्ट करने की ज़रूरत है।"
तीनों योरोपीय देशों ने यह कहते हुए कि उन्हें सत्य बात के सामने आने और किसी भी तरह के हुए अपराध के लिए सही ज़िम्मेदारी के सुनिश्चित होने की उम्मीद है, और अधिक प्रयास होने पर बल दिया है।
शनिवार को सऊदी अरब ने यह स्वीकार किया कि पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की इस्तांबोल में रियाज़ के वाणिज्य दूतावास में बातचीत के दौरान झगड़े और हाथापाई के दौरान मौत हो गयी। सऊदी अरब इससे पहले दो हफ़्ते तक, 2 अक्तूबर से लापता हुए ख़ाशुक़जी के बारे में रियाज़ की किसी प्रकार की संलिप्तता का इंकार करता रहा।
शनिवार के बयान के एक घंटे के भीतर ही एक और सऊदी अधिकारी ने ख़ाशुक़जी की मौत का कारण गला घुटना बताया था।
ख़ाशुक़जी अमरीकी अख़बार द वॉशिंग्टन पोस्ट के लिए लेख लिखते थे और वह पिछले सात सितंबर में सऊदी अरब से अमरीका फ़रार कर गए थे।